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ट्रांसफार्मर गिरने से नलकूप ठप, मिट्टी धंसने का आरोप — ग्रामीणों ने मरम्मत में lethargy पर जताई नाखुशी

ट्रांसफार्मर गिरने से नलकूप ठप, मिट्टी धंसने का आरोप — ग्रामीणों ने मरम्मत में lethargy पर जताई नाखुशी

लार ब्लॉक के दोगारी मिश्रा गांव में पिछले कुछ घंटों/दिनों से एक गंभीर समस्या ने ग्रामीणों की जान-जरूरत और राह दोनों बाधित कर दी है — गाँव के नलकूप का ट्रांसफार्मर गिर गया है जिसके कारण नलकूप से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प हो गई और सड़क पर पड़े टूटे पोल से आवागमन भी संकट में है। ग्राम प्रधान सुमन मिश्रा ने इस संबंध में बिजली विभाग व अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल मरम्मत की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि मामला नया नहीं है — कुछ दिन पहले भी वहीं एक बिजली का पोल टूट गया था, जिसे बिजली विभाग ने तीन नए पोल लगाकर ठीक कराया था। लेकिन हाल-ही में मिट्टी धंसने के कारण नया पोल भी फिर से ढह गया और उस पर लगे ट्रांसफार्मर सहित पूरा सेटअप नीचे गिर गया। इससे बिजली और पानी—दोनों सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है।

घटना के कारण गांव में पानी का बड़ा संकट पैदा हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों में रामनारायण प्रसाद, रमाशंकर, कमलेश, टुनटुन, अभिनंदन, शिवांश, अंकित, शुभम्, गौरव, दिव्यांश और दिनानाथ समेत परिवार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नलकूप बंद होने से पीने व घरेलू उपयोग के पानी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और महिलाएँ व बुजुर्ग पानी के लिए लंबी दूरी पर मजबूर हो रहे हैं। वहीं टूटे पोल व ट्रांसफार्मर के कारण सड़क भी अवरुद्ध है और आवश्यक वाहनों का आवागमन बाधित हो रहा है।

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ग्राम प्रधान सुमन मिश्रा ने कहा, “यह बार-बार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी — पहले भी पोल टूट चुका था, विभाग ने अस्थायी सुधार किया था, पर मिट्टी का स्थायी समाधान नहीं किया गया। अब ट्रांसफार्मर गिरने से पूरा गांव बेहाल है। विभाग तुरंत मरम्मत कर नलकूप चालू करे और भविष्य में मिट्टी धंसने से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था ठोस करे।”

इस मामले पर जूनियर इंजीनियर (जेई) गोर्खा गुप्ता ने घटना की जानकारी होने की पुष्टि की और कहा कि पहले भी पोल टूटना दर्ज है। जेई ने आश्वासन दिया कि टीम भेजकर तत्काल मरम्मत एवं ट्रांसफार्मर हटाने/स्थापित करने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी और नलकूप की आपूर्ति जल्द बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मिट्टी धंसने का मुद्दा गंभीर है और इसे ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान पर विचार किया जाएगा।

गांववासियों का आरोप है कि मिट्टी धंसने की समस्या पर कोई दीर्घकालिक कार्य नहीं किया गया — न तो जमीन का स्थायी समतलीकरण हुआ और न ही पोल के नीचे उचित फाउंडेशन या पेट्रोलबैकिंग कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि केवल बार-बार नए पोल लगाकर समस्या का अस्थायी समाधान किया जा रहा है, जिससे यह ही स्थिति बार-बार पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से साथ ही पंचायत व जिला स्तर के अधिकारियों से भी दखल देने की मांग की है ताकि केवल मरम्मत न होकर मिट्टी धंसाव का स्थायी निवारण भी कराया जाए।

प्रभावित लोगों ने मुख्यमंत्री/विधायक/जिला अधिकारी और बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों तक यह मामला पहुँचाने का निर्णय लिया है ताकि फौरन मरम्मत के साथ लंबी अवधि के लिए जमीन के सुदृढ़ीकरण और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था हो। ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि अगर तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन व अन्य आंदोलन करने के लिए विवश हो सकते हैं।

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विश्लेषण: बार-बार टूटते पोल और धंसती मिट्टी एक गंभीर आधारभूत समस्या की ओर संकेत करती है — जहाँ तत्काल मरम्मत न केवल पानी व बिजली सेवाओं को बहाल करेगी बल्कि आवागमन खोलने व ग्रामीण सुरक्षा को बहाल करने के लिए भी आवश्यक है। साथ ही विभाग के पास चाहिए कि वह सिर्फ अस्थायी पोल बदलने के बजाय साइट पर भू-इंजीनियरिंग का मूल्यांकन कराये और स्थायी फिक्स (जैसे ढांचे का आधार मजबूत करना, ड्रेनेज सुधरना, या पोल के स्थानांतरण) करे।

अंततः गाँव के सुकून और बुनियादी जरूरतों की बहाली विभाग एवं स्थानीय प्रशासन की ओर से त्वरित और ठोस कार्रवाई पर ही निर्भर है — ग्रामीणों की उम्मीद है कि जेई की बात के अनुरूप कार्य शीघ्र होगा और नलकूप व सड़क दोनों तत्काल बहाल कर दिये जाएंगे।

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