गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली की मांग की मुद्दा एक बार फिर गर्माया
गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली की मांग की मुद्दा एक बार फिर गर्माया
गोरखपुर में छात्र संघ समागम समारोह कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार
रियासत अली
गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाली की मांग लंबे समय से चल रही है और यह मुद्दा एक बार फिर गर्माया हुआ है। छात्र संगठन लगातार चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पिछले एक दशक से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं।
फ़िलहाल विश्वविद्यालय का रुख छात्र संघ चुनाव कराने पर सहमत दिख रहा है। कुलसचिव ने शासन को पत्र लिखकर लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव कराने के लिए विश्वविद्यालय केश्रेणीवार वर्गीकरण की सूचना मांगी है।
छात्रों का आंदोलन –
छात्र नेता और विभिन्न छात्र संगठन लगातार छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर मुखर हैं। वे प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री सहित विभिन्न अधिकारियों से मिल रहे हैं। 27 जुलाई को गोरखपुर में छात्र संघ समागम समारोह भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें छात्र संघ बहाली की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
युपी सरकार का संकेत –
संकेत मिल रहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में छात्र संघ चुनाव कराने का संकेत दिया है। उन्होंने सुझाव दिया था कि अगस्त के आखिरी हफ्ते में छात्र संघ चुनाव करा लिए जाने चाहिए और प्रतिनिधियों का चुनाव वोट डालकर नहीं बल्कि खुली बहस और आपसी सहमति से होना चाहिए। हालांकि, अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं आया है।

उत्तर प्रदेश में 2007 में बसपा सरकार आने के बाद छात्र संघ चुनावों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2019 में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार छात्र संघ चुनाव कराने की सहमति दी थी।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में आखिरी छात्र संघ चुनाव 2018 में हुए थे, जिसके बाद से चुनाव लगातार स्थगित होते रहे हैं।
छात्र नेताओं का कहना है कि छात्र संघ चुनावों से छात्रों के हितों की आवाज बुलंद होती है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि शासन इस मांग पर कब तक कोई स्पष्ट निर्णय लेता है।

27 जुलाई को गोरखपुर में छात्र संघ समागम समारोह
कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट है, कार्यक्रम के अध्यक्ष हमारे विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम अध्यक्ष (निर्वाचित 1965 ई.) श्री निर्मल कुमार उपाध्याय जी और मुख्य अतिथि हमारे विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम छात्र संघ उपाध्यक्ष श्री राजधारी सिंह (पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) होंगे। विशिष्ट अतिथि बस्ती विधानसभा के पूर्व विधायक और हमारे पूर्व अध्यक्ष श्री राजमणि पाण्डेय, पूर्व विधायक सहजनवां एवं पूर्व अध्यक्ष श्री शीतल पाण्डेय,वरिष्ठतम विधान परिषद सदस्य और क्रांतिधर्मी चेतना के छात्र नेता श्री देवेंद्र प्रताप सिंह,हमारे पूर्व अध्यक्ष एवं देवरिया कुशीनगर परिक्षेत्र के माननीय विधान पार्षद डा. रतनपाल सिंह, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र त्रिपाठी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री अवनीश यादव, कानपुर विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष श्री कालिंदी तिवारी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का आश्वासन हमें दिया है। छात्र संघ पदाधिकारियों में पूर्व अध्यक्ष श्री राम सिंह, श्री विश्वकर्मा द्विवेदी,श्री राधेश्याम सिंह, श्री दिनेश चन्द्र त्रिपाठी श्री संजीव कुमार सिंह, श्री समीर कुमार सिंह, डा. रूप कुमार सिंह, डा. सत्यपाल पाल, श्री राजीव कुमार पाण्डेय, उपाध्यक्ष में श्री वीरेंद्र नायक, श्री दिलीप कुमार सिंह, श्री विजय शंकर पति त्रिपाठी, श्री अशोक कुमार चौधरी, श्री नागेन्द्र सिंह मुन्ना, श्री संजय सिंह, श्री विश्वजीत सिंह, डा. योगेश प्रताप सिंह, डा. चेतना पाण्डेय, डा. उमाशंकर यादव, श्री अखिलदेव त्रिपाठी, महामंत्री में श्री राम दुलारे यादव, डा. चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, श्री कमलेश कुमार त्रिपाठी, श्री राजेश कुमार तिवारी (जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी) , डा. अंशुमान त्रिपाठी, श्री विजय नारायण सिंह, डा. शिव कुमार त्रिपाठी श्री अमरेन्द्र मल्ल और श्री नीरज शाही तथा वरिष्ठ छात्र नेता श्री संजय पाण्डेय, श्री संतोष मणि त्रिपाठी, श्री जेडी मिश्र, श्री श्रवण कुमार निराला, डा. सतीश राना, श्री राम लक्ष्मण
अरविंद गिरि, फारुख अहमद डा आदित्य विक्रम सिंह “दीपक”आनंद श्रीवास्तव “सोनू”निर्भय शाही “सिन्टू”सुधांशु रंजन मिश्र ने कार्यक्रम में उपस्थित रहने की स्वीकृति प्रदान की है।