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आलू , लहसुन और प्याज अंकुरित हो तो उसे खाना चाहिए या नहीं

आलू , लहसुन और प्याज अंकुरित हो तो उसे खाना चाहिए या नहीं

ऐसे में आप पशोपेश में पड़ सकते हैं कि ये आलू खाने लायक है भी या नहीं इसे फेंक देना चाहिए। आलू ,लहसुन या प्याज में अंकुर निकलने के बाद इसे खाना चाहिए या नहीं, इसको लेकर लोगों की राय अलग – अलग बंटे हुए है. ऐसे में जानते हैं कि अगर अंकुरित आलू हो तो क्या करना चाहिए और क्या नहीं । आलू का अंकुरित होना इस बात का संकेत है कि वो एक पौधे के रूप में बढ़ने की कोशिश कर रहा है ।इस प्रक्रिया के दौरान आलू में जहरीला ग्लाइकोएल्कलॉइड बढ़ने लगता है. ये पौधों को फफूंद और कीड़ों से बचाता है। इनमें से एक कंपाउंड सोलनिन भी है जो आलू के अलावा टमाटर, बैंगन और शिमला मिर्च जैसे पौधों में भी पाया जाता है। काटने पर और लंबे समय तक स्टोर करने से ये आलू में कंपाउंड की मात्रा को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि अंकुरित या लंबे समय तक रखे गए आलू इंसानों और जानवरों के लिए स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

जानकार बताते हैं कि हरे रंग में तब्दील हो चुके आलू नहीं खाने चाहिए । कुछ विशेषज्ञ इसमें अधिक सावधानी बरतने की बात करते हैं।  यूनिवर्सिटी ऑफ़ ईस्ट एंगलिया में प्लांट साइंसेज की प्रोफ़ेसर कैथी मार्टिन कहती हैं कि आपको हरे और अंकुरित आलू बिल्कुल नहीं खाने चाहिए.वो कहती हैं कि रोशनी के प्रभाव (आलू में अंकुरण बढ़ता) से स्टेरॉयडल ग्लाइकोएल्कलॉइड सोलनिन बढ़ता है. ये इंसानों और जानवरों खासकर बिल्ली और कुत्ते के लिए जानलेवा हो सकता है।प्रोफ़ेसर मार्टिन कहती हैं कि जो आलू हरे रंग के नहीं होते, उनमें सोलनिन का स्तर कम होता है, लेकिन कच्चे आलू कभी नहीं खाने चाहिए.

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ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें सोलनिन पॉइजनिंग का ख़तरा होता है. हालांकि ऐसे मामले कम होते हैं लेकिन सोलनिन पॉइजनिंग के कुछ मामले ज़रूर सामने आए हैं.
1970 के दशक के आख़िरी समय में ब्रिटेन में 78 स्कूली बच्चों को हरे आलू खाने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।हालांकि ना के बराबर या ऐसे बहुत कम आलू खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव होने की संभावना बहुत कम होती है.

वहीं अंकुरित लहसुन व प्याज का सेवन करना नुकसान दायक नहीं

बात करें लहसुन का तो इसका तासीर गर्म ही रहता है, लेकिन यह और ज्यादा पोषक हो जाता है। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण और अधिक एक्टिव हो जाते हैं तो वहीं बात की जाय अंकुरित प्याज की तो इसमें मौजूद एंजाइम्स और फाइबर तेजी से एक्टिव हो जाते हैं. अगर आपको गैस, अपच या भारीपन महसूस होता है, तो अंकुरित प्याज का सेवन कर सकते हैं. यह इम्यूनिटी को भी बूस्ट करने का काम करता है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं

 

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