दुःख की घड़ी में संगठन बना संबल: पत्रकार एकता समन्वय समिति ने डॉ. शिव कुमार यादव के पिता को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
देवरिया। संवेदनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व और संगठनात्मक एकजुटता का अनुपम उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब पत्रकार एकता समन्वय समिति के राष्ट्रीय सह सचिव डॉ. शिव कुमार यादव के पूज्य पिता के ब्रह्मभोज कार्यक्रम में समिति के राष्ट्रीय, पूर्वांचल एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं बुद्धिजीवी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में हर कदम पर साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
ब्रह्मभोज कार्यक्रम श्रद्धा, सादगी और आत्मीय वातावरण में सम्पन्न हुआ, जहाँ दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई तथा ईश्वर से उनकी आत्मा की चिरशांति एवं मोक्ष की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसके संस्कार, सादगी, कर्मनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण से होती है। स्वर्गीय पिता जी ने अपने जीवन में जिन नैतिक मूल्यों और आदर्शों का पालन किया, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर पत्रकार एकता समन्वय समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विश्वामित्र मिश्र, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. तनवीर आलम लारी, पूर्वांचल प्रभारी अमित कुमार बरनवाल, जिलाध्यक्ष हरिशंकर गुप्ता, जिला सचिव शेषनाथ यादव, जिला कमेटी सदस्य मान सिंह, ग्यासुद्दीन लारी सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। वहीं सामाजिक सरोकारों में सक्रिय सलेमपुर विधानसभा की भावी समाजवादी पार्टी प्रत्याशी रंजना भारती ने भी कार्यक्रम में पहुँचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वामित्र मिश्र ने कहा कि संगठन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार है। परिवार के किसी सदस्य पर दुःख का पहाड़ टूटे तो पूरा संगठन उसके साथ मजबूती से खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय आत्मा का स्नेह, अनुशासन और जीवन-मूल्य सदैव समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. तनवीर आलम लारी ने कहा कि माता-पिता का स्थान जीवन में सर्वोच्च होता है। उनका आशीर्वाद और उनके द्वारा दिए गए संस्कार कभी समाप्त नहीं होते, बल्कि जीवनभर संतान का मार्गदर्शन करते रहते हैं।
पूर्वांचल प्रभारी अमित कुमार बरनवाल ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरा पत्रकार एकता समन्वय समिति परिवार डॉ. शिव कुमार यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। वातावरण पूरी तरह शोक, श्रद्धा और आत्मीयता से ओतप्रोत रहा। सभी ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय पिता जी का स्नेह, आदर्श, अनुशासन और मानवीय मूल्यों पर आधारित जीवन सदैव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
ब्रह्मभोज कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सच्चे रिश्ते केवल औपचारिकताओं से नहीं, बल्कि दुःख की घड़ी में निभाए गए साथ से मजबूत होते हैं। पत्रकार एकता समन्वय समिति की गरिमामयी उपस्थिति ने संगठन की पारिवारिक भावना, सामाजिक प्रतिबद्धता और मानवीय मूल्यों को एक बार फिर सशक्त रूप से स्थापित किया।