देवरिया: होली के बाद भी आउटसोर्सिंग कर्मियों को नहीं मिला मानदेय, आर्थिक संकट गहराया
देवरिया: होली के बाद भी आउटसोर्सिंग कर्मियों को नहीं मिला मानदेय, आर्थिक संकट गहराया
डेटा एंट्री ऑपरेटर, एमआईएस कोऑर्डिनेटर व सहायक लेखाकार परेशान, आंदोलन की चेतावनी
जनपद देवरिया के विभिन्न विकास खंडों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एमआईएस क्वालिटी कोऑर्डिनेटर, सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों पर तैनात कर्मचारियों को होली पर्व के बाद भी अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी ब्लॉक स्तर पर सरकारी योजनाओं के संचालन, डाटा एंट्री, लेखा प्रबंधन और तकनीकी कार्यों की अहम जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान न होने से उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई है।
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि कई कर्मचारियों को घर का खर्च चलाने, बच्चों की फीस जमा करने, किराया देने और दवाइयों जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ी, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द ही मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो कर्मचारी सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन या आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
हालांकि, विभागीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि भुगतान प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सभी कर्मचारियों के खातों में लंबित मानदेय भेज दिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और परेशान कर्मचारियों को राहत मिलती है या नहीं।