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बड़े धूम धाम से मनाया गया यूनानी हकीम अजमल खान का जन्मदिन

बड़े धूम धाम से मनाया गया यूनानी हकीम अजमल खान का जन्मदिन

इस मौके पर यूनानी चिकत्सकों किया गया सम्मानित

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी जयराम यादव

देवरिया। हकीम अजमल खान के जन्मदिन पर यूनानी डे मनाया गया विशिष्ट अतिथि डॉक्टर जय राम यादव क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी ने बताया हकीम अजमल खान भारत के मशहूर हकीम, समाजसेवी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, जिन्होंने भारत में यूनानी चिकित्सा के प्रसार तथा भारत की आज़ादी हेतु अपना तन-धन अर्पित किया। हकीम अजमल खान के जन्मदिन को भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 11 फ़रवरी को “नेशनल यूनानी दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
यूनानी दिवस 2026 की थीम “Innovation and Evidence in Unani Practice” (यूनानी पद्धति में नवाचार और साक्ष्य) है, जिसे आयुष मंत्रालय ने मंज़ूरी दी है। जिसमें यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान और स्वास्थ्य जागरूकता पर ज़ोर दिया जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर अश्वनी पांडे यूनानी डे पर यूनानी शुभकामना दी और उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति बहुत पुरानी परंपरागत चिकित्सा पद्धति है। डॉक्टर जफर अनीस ने बताया यूनानी चिकित्सा पद्धति विश्व की सबसे पुरानी पद्धतियों में से एक है, जिसकी शुरुआत हकीम बुकरात (हिपोक्रेट्स), जिन्हें “Father of Medicine” कहा जाता है, ने की थी। यह पद्धति भारत में घर-घर में मशहूर है तथा पुराने ज़माने से लेकर अब तक भारतीयों द्वारा इस्तेमाल की जाती रही है। यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त भारतीय चिकित्सा पद्धति है।
विश्व यूनानी दिवस महान यूनानी विद्वान हकीम अजमल खान की जयंती का दिन है। डॉक्टर जेड. अनीस ने बताया हकीम अजमल खान नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में से एक थे। इतना ही नहीं, हकीम साहब एक प्रसिद्ध भारतीय यूनानी चिकित्सक थे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी, महान विद्वान, समाज सुधारक, प्रसिद्ध चिकित्सा शिक्षाविद तथा चिकित्सा पद्धति में वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रवर्तक थे डॉक्टर एस बी मणि त्रिपाठी ने बताया यूनानी चिकित्सा पद्धति पुरानी और गंभीर रोगों को जड़ से समाप्त करने तथा शरीर को निरोग, स्वस्थ एवं बलवान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉक्टर इरशाद खान ने बताया भारत में यूनानी चिकित्सा पद्धति की शुरुआत दसवीं शताब्दी में मानी जाती है, किंतु भारत में इसे पुनर्जीवित कर आधुनिक रूप देने का श्रेय हकीम अजमल खान को जाता है। उनके प्रयासों से ही दिल्ली में यूनानी चिकित्सा की पढ़ाई हेतु यूनानी कॉलेज की स्थापना हुई।
आज पूरा विश्व तेज़ी से यूनानी चिकित्सा पद्धति की ओर लौट रहा है। यूनानी पद्धति मुख्यतः ह्यूमरल थ्योरी — दम (रक्त), बलगम (कफ़), सफ़रा (पीला पित्त) और सौदा (काला पित्त) — पर आधारित है। डॉक्टर ज़ेड हक ने बतायायूनानी सिद्धांत के अनुसार मानव शरीर सात प्राकृतिक और बुनियादी तत्वों पर निर्मित है, जिन्हें “उमूर-ए-तबीय्या” कहा जाता है। शरीर का अस्तित्व इन्हीं पर निर्भर है।
डॉक्टर हैदर अली ने बताया यूनानी चिकित्सा पद्धति प्राकृतिक एवं समग्र (होलिस्टिक) तरीके से प्रत्येक मरीज के व्यक्तिगत मिज़ाज के अनुसार रोगों की रोकथाम और उपचार करती है। इसमें स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और रोगों की रोकथाम के लिए —
इलाज बिल गीज़ा (डाइट थेरेपी)
इलाज बिल तदबीर (रेजिमेंटल थेरेपी)
इलाज बिल दवा (ड्रग थेरेपी)
इलाज बिल यद (सर्जिकल थेरेपी)
के माध्यम से उपचार किया जाता है।
डॉक्टर अब्दुलहाफिज ने बताया यूनानी चिकित्सा में माजून, सफूफ़, टैबलेट आदि के रूप में प्राकृतिक दवाएँ दी जाती हैं। साथ ही हिजामा, स्टीम थेरेपी, लीच थेरेपी, व्यायाम, मसाज, फस्द (रक्तस्राव), हमाम आदि उपचार पद्धतियों का उपयोग किया जाता है।
डॉ अबरार अहमद ने बतायायूनानी चिकित्सा पद्धति शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव नहीं डालती। अतः यह वर्तमान समय की भागदौड़ भरी ज़िंदगी से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने हेतु सस्ती, सुलभ और हानिरहित चिकित्सा पद्धति है। डॉ संजय भट्ट ने बताया यूनानी चिकित्सा पद्धति पुरानी पद्धति है इसको परंपरागत ज्ञान को आधुनिक जोड़ना नई तकनीक से अपनाना चाहिए डॉक्टर काशीनाथ यूनानी चिकित्सा को मजबूत करने पर बल दिया दो ताजुद्दीन अंसारी ने यूनानी चिकित्सा पद्धति के बारे में विस्तार पूर्वक बताया डॉक्टर इकबाल अहमद डॉक्टर हबीबुल्लाह, डॉक्टर एम डी अंसारी ने यूनानी चिकित्सा पद्धति के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और हकीम अजमल खान के बारे में बताया बैठक में डॉक्टर यासीन अंसारी, डॉक्टर निजाम, डॉक्टर अतहर, डॉक्टर खालिद सिद्दीकी, डॉक्टर एजाज अहमद, डॉक्टर अबू जफर, डॉक्टर फ़ैज़ अहमद, डॉ मोहम्मद रईस,, डॉक्टर अब्दुल रब, डॉक्टर इकबाल, डॉक्टर अशरफ अली कुरेशी, डॉक्टर आलम, डॉक्टर अहसानुल्लाह, डॉक्टर मोइनुद्दीन अंसारी, अमित कुमार, डॉक्टर आरिफ अंसारी डॉक्टर यूनुस आदि चिकित्सक मौजूद रहे अंत में डॉक्टर जफर अनीस ने यूनानी डी पर आए हुए यूनानी चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया

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