जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट का किया औचक निरीक्षण, अभिलेख व्यवस्था व लंबित मामलों पर सख्ती
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट का किया औचक निरीक्षण, अभिलेख व्यवस्था व लंबित मामलों पर सख्ती
देवरिया। जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अभिलेखागार, आपदा प्रबंधन, नजारत सहित अन्य पटल का विस्तृत अवलोकन किया गया। उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संयुक्त कार्यालय भवन में आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कुशीनगर जनपद से संबंधित अभिलेखों को संबंधित जनपद को प्रेषित करने तथा जर्जर बस्तों को बदलकर अभिलेखों को सुरक्षित संरक्षित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि 185 गांवों के नक्शे अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपालों के माध्यम से उक्त नक्शों का संकलन कर उन्हें सुरक्षित रूप से अभिलेखागार में संरक्षित किया जाए। साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया गया कि एक माह पश्चात इस कार्य की प्रगति की समीक्षा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
जलापूर्ति अधिकारी के कार्यालय के बाहर विद्युत एवं इंटरनेट के तार अव्यवस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जलापूर्ति अधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को निर्देश दिया गया कि दो दिवस के भीतर तारों को व्यवस्थित कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यालयों में अभिलेखों का समुचित संधारण, स्वच्छता व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए।