भदोही में कांग्रेस का धरना: कालीन उद्योग को बचाने के लिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
पीयूष बरनवाल की रिपोर्ट
भदोही में कांग्रेस का धरना: कालीन उद्योग को बचाने के लिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
भदोही। ‘कारपेट सिटी’ के नाम से प्रसिद्ध भदोही में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय कालीनों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के विरोध में आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए कालीन उद्योग के संरक्षण की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से भदोही का कालीन उद्योग गहरे संकट में है। कालीन निर्यात लगभग ठप हो गया है, जिससे लाखों बुनकरों, मजदूरों, डिजाइनरों और ठेकेदारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। छोटे बुनकर परिवार बेरोजगारी की कगार पर पहुंच गए हैं और लघु उद्योगपति भारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि सरकार तत्काल कालीन उद्योग के लिए 30 प्रतिशत राहत पैकेज की घोषणा करे ताकि बुनकरों और निर्यातकों को आर्थिक सहारा मिल सके। साथ ही जब तक अमेरिका का टैरिफ वापस नहीं होता, तब तक भदोही के कालीन निर्यातकों को विशेष सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन दिया जाए।
पूर्व जिलाध्यक्ष राजन दुबे ने मांग की कि कालीन से जुड़े लघु कुटीर उद्योगों को टैक्स में छूट और विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएं, जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना में कालीन उद्योग को प्राथमिकता देते हुए विशेष बजट आवंटित किया जाए।
इस दौरान सुरेश उपाध्याय, शफीक अहमद, मनीष मिश्र सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर सरकार से कालीन उद्योग को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।