गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे बना ‘विवादित मजार’ – सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े का खेल, फैसला 18 सितंबर को!
गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे बना ‘विवादित मजार’ – सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े का खेल, फैसला 18 सितंबर को!
देवरिया। शहर का गोरखपुर रोड ओवरब्रिज इन दिनों धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विवाद का अड्डा बना हुआ है। पुल के नीचे बने मजार को लेकर कानूनी घमासान जारी है। बिना मानचित्र स्वीकृति और सरकारी ज़मीन पर हुए इस निर्माण ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
11 सितंबर को एसडीएम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन एसडीएम सदर श्रुति शर्मा की व्यस्तता के चलते कार्यवाही टल गई। अब अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। इस दिन यह तय होगा कि मजार बचेगा या प्रशासन बुलडोज़र चलाएगा।
विधायक की सख़्ती, प्रशासन की कार्रवाई
सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने सीधे शासन को पत्र लिखकर इस अवैध निर्माण की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। दबाव बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामला कोर्ट में डाल दिया।
जनता बनाम धर्मस्थल
स्थानीय लोग साफ कह रहे हैं – “सार्वजनिक ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया गया है, आने-जाने में दिक्कत है और विकास कार्य रुक गए हैं।”
वहीं, मजार से जुड़े लोग इसे “वर्षों पुराना धार्मिक स्थल” बता रहे हैं और हटाने का विरोध कर रहे हैं।
अब पूरा शहर इंतज़ार कर रहा है – 18 सितंबर को अदालत यह मजार को वैध ठहराएगी या फिर इसे अतिक्रमण मानकर हटाने का आदेश देगी।
सवाल सीधा है – जनता की ज़मीन पर कब्ज़ा चलेगा या विकास के रास्ते खुलेंगे?