निर्माण कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, दो ठेकेदारों पर एफआईआर के निर्देश
निर्माण कार्यों में लापरवाही पर डीएम सख्त, दो ठेकेदारों पर एफआईआर के निर्देश
तीन अधिकारियों का एक-एक दिन का वेतन रोका, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरे करने के दिए निर्देश
देवरिया, 07 जुलाई।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सीएमआईएस से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जीएसटी कार्यालय के निर्माण कार्य में तेजी लाने और उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्य में शिथिलता बरती गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में लापरवाही पाए जाने पर अधिशासी अभियंता नलकूप, अधिशासी अभियंता जल निगम (नगरीय) तथा जिला पर्यटन अधिकारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों पर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। परासी-चकलाल मार्ग के निर्माण कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जल निगम की भुजौली कॉलोनी स्थित निर्माणाधीन परियोजना में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा करते हुए ट्रॉमा सेंटर का कार्य शीघ्र पूरा कर हैंडओवर करने तथा आवश्यक संसाधन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. रजनी पटेल, सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।