सवर्ण एकता कमेटी सलेमपुर ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा यूजीसी काला बिल वापसी का ज्ञापन
सवर्ण एकता कमेटी सलेमपुर ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा यूजीसी काला बिल वापसी का ज्ञापन
सलेमपुर।
यूजीसी के प्रस्तावित कानून के विरोध में सोमवार को सवर्ण एकता कमेटी सलेमपुर के तत्वावधान में जोरदार प्रदर्शन किया गया। नगर स्थित सिंचाई विभाग के डाक बंगले से शुरू हुआ यह विरोध मार्च नारेबाजी करते हुए सोहनाग मोड़, गांधी चौक, रेलवे स्टेशन से होकर तहसील प्रांगण तक पहुंचा।
प्रदर्शनकारियों ने भारत के राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए यूजीसी कानून को “काला बिल” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। तहसील परिसर में सलेमपुर की तहसीलदार अल्का सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर दिर्गेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर जगन्नाथ दास जी महाराज ने समर्थन देते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा जाति-धर्म के भेदभाव से समाप्त नहीं हो सकती। यह यूजीसी कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के हित में नहीं है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के तहसील प्रभारी शिवाकांत तिवारी ने कहा कि यह बिल समाज को बांटने और देश की एकता को कमजोर करने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने के लिए इस बिल को वापस किया जाए।
कार्यक्रम में भाजपा नेता अशोक पांडेय, चंद्रभूषण पांडेय एवं प्रतीक मिश्रा ने भी यूजीसी कानून के विरोध में अपने विचार रखे। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई नवीन तिवारी ने की। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान चलाकर जनसमर्थन भी जुटाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संतोष मिश्रा (पत्रकार), बार एसोसिएशन के सत्येंद्र तिवारी, चंद्रभूषण तिवारी, सुंदरम मिश्रा, उमाकांत मिश्रा, विनय पांडेय, भोला बाबा, वाचस्पति तिवारी, शिवम मिश्रा, विकास तिवारी, हिमांशु मिश्रा, रविकांत तिवारी, दीपू तिवारी, राजीव रंजन श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह, आदित्य सिंह, हरिशचंद्र पांडेय, सत्येंद्र सिंह, प्रमोद मिश्रा, विनय सिंह, नरसिंह तिवारी, उद्धव पांडेय, पप्पू तिवारी, अभय सिंह, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा, अमित सिंह, प्रियेश तिवारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी कर यूजीसी बिल के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।