सीएचसी लार परिसर 5100 दीपकों से हुआ आलोकित, रामभक्ति में डूबा अस्पताल वातावरण
सीएचसी लार परिसर 5100 दीपकों से हुआ आलोकित, रामभक्ति में डूबा अस्पताल वातावरण
लार (देवरिया)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार परिसर बुधवार की शाम आध्यात्मिक ऊर्जा और दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। श्रीराम जन्मभूमि में श्रीराम जी की प्रतिमा स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में 5100 दीपक जलाकर पूरे अस्पताल परिसर को दीपमालिका से सुसज्जित किया गया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था का संदेश दिया, बल्कि अस्पताल परिसर को एक अलग ही आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया।
कार्यक्रम के तहत सीएचसी लार परिसर में एक मंच पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा विधिवत रूप से स्थापित की गई। पंडित अखिलानन्द तिवारी ने यजमान डॉ. दिग्विजय नाथ द्विवेदी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मीरा द्विवेदी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कराई। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम से लोक कल्याण, रोगमुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके उपरांत अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.वी. सिंह के नेतृत्व में अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा सामूहिक सुंदरकांड पाठ और हवन का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में रामविनय राय, उत्कर्ष त्रिपाठी, डॉ. विपिन, राघवेंद्र सिंह, छोटू सिंह, सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और श्रद्धालु शामिल रहे। मंत्रोच्चार और हवन की आहुतियों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
देर शाम जैसे ही 5100 दीपक प्रज्वलित किए गए, सीएचसी लार परिसर दीपों की रोशनी से नहाया नजर आया। अस्पताल भवन, प्रांगण और आसपास का क्षेत्र दीपोत्सव का दृश्य प्रस्तुत कर रहा था, जिसे देखने के लिए लोग देर तक ठहरे रहे।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डॉ. बी.वी. सिंह ने कहा कि यह आयोजन पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ है तथा आगे भी प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से न केवल सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि अस्पताल का वातावरण भी शुद्ध और शांत होता है, जिसका प्रभाव मरीजों और कर्मचारियों दोनों पर पड़ता है।
सीएचसी लार में आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करने का प्रतीक बनकर उभरा।