नक्सल ऑपरेशन के दौरान कोबरा सांप के डसने से शहीद हुए CRPF जवान संदीप कुमार को दी गई अंतिम विदाई, जनसैलाब उमड़ा
नक्सल ऑपरेशन के दौरान कोबरा सांप के डसने से शहीद हुए CRPF जवान संदीप कुमार को दी गई अंतिम विदाई, जनसैलाब उमड़ा
देवरिया 3 अक्टूबर 2025 —
देश की सुरक्षा में तैनात एक और जवान ने अपनी जान कुर्बान कर दी। झारखंड के चाईबासा जिले में नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात CRPF के वीर जवान संदीप कुमार को ड्यूटी के दौरान कोबरा सांप ने डस लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। जवान को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

नक्सल ऑपरेशन में तैनात थे जवान संदीप
संदीप कुमार CRPF की विशेष इकाई के साथ नक्सल ऑपरेशन में तैनात थे। ऑपरेशन के दौरान घने जंगलों और कठिन परिस्थितियों में डटे रहना इन जवानों का रोज का काम होता है। इसी दौरान संदीप को एक कोबरा सांप ने काट लिया। विष इतना घातक था कि तुरंत असर करना शुरू कर दिया। उन्हें साथियों ने तत्परता से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई और अंततः संदीप ने अंतिम सांस ली।

शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, गम का माहौल

गुरुवार को जब शहीद संदीप कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके पैतृक गांव करौता, थाना क्षेत्र: देवरिया जनपद लाया गया, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही एंबुलेंस गांव में दाखिल हुई, “भारत माता की जय”, “वीर जवान अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां-बाप बेसुध थे, और परिवार के अन्य सदस्य शोक में डूबे हुए थे। जवान की अंतिम झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में गांव और आसपास के लोग उमड़ पड़े। लोगों की आंखों में आंसू थे लेकिन गर्व भी कि गांव का बेटा देश के लिए शहीद हुआ।

अधिकारियों और प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, और सेना के जवानों की एक टुकड़ी मौजूद रही। जनपद के उपजिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। गांव के प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए और सरकार से शहीद परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग की।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शहीद जवान संदीप कुमार का अंतिम संस्कार भोजपुर के कालीचरण घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान CRPF के जवानों ने गन सैल्यूट (Salute with gunfire) देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे गांव ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदा दी।