खुखुंदू का मत्स्य पालन केंद्र 5 साल से वीरान, किसानों का टूटा सहारा!
ग्रामीण न्यूज़ – तेज़ नज़र, देवरिया
खुखुंदू का मत्स्य पालन केंद्र 5 साल से वीरान, किसानों का टूटा सहारा!
देवरिया। खुखुंदू गांव के जैन मंदिर रोड के पश्चिमी छोर पर स्थित 50 साल पुराना मत्स्य पालन केंद्र पिछले 5 वर्षों से बंद पड़ा है। कभी आसपास के 50 गांवों के किसान इसी केंद्र से मछली का बीज खरीदकर अपने परिवार का गुजारा करते थे, लेकिन अब केंद्र की हालत खंडहर में बदल चुकी है।
केंद्र के सामने बने विशाल पोखरे की क्यारियां जंगली घास में तब्दील हो गई हैं। कार्यालय की इमारत जर्जर होकर टूट-फूट गई है। 2001 में तत्कालीन सीडीओ मुकेश मेश्राम के आदेश पर बना प्रशिक्षण भवन भी उपेक्षा की भेंट चढ़ गया है।
किसान हृदय राय, रामबली प्रसाद, प्रेमचंद, हीरा प्रसाद, दीनानाथ प्रसाद, प्रेमचंद पाल और इमरान अंसारी जैसे स्थानीय मछुआरों ने सरकार से इस केंद्र को तत्काल पुनर्जीवित करने की मांग उठाई है।
जिला मत्स्य अधिकारी विजय मिश्र का कहना है कि जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और केंद्र को जल्द चालू कराने की योजना है। लेकिन किसानों का सवाल है – आखिर कब तक केवल प्रस्तावों के सहारे जिंदा रहेगा उनका सपना?
ग्रामीणों की आवाज़ है साफ – मत्स्य केंद्र नहीं खुला, तो बेरोजगारी और पलायन की मार झेलना पड़ेगा!