Search for:
  • Home/
  • समाचार/
  • बरसात में सांपों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं. सर्प दंश से बचना है तो घर से इन चीजों को अभी हटा दें।

बरसात में सांपों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं. सर्प दंश से बचना है तो घर से इन चीजों को अभी हटा दें।

बरसात में सांपों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं. सर्प दंश से बचना है तो घर से इन चीजों को अभी हटा दें।

   ग्रामीण न्यूज तेज़ नजर

सभी मौसमों की तुलना में बरसात में सांपों के काटने के मामले बढ़ जाते हैं. सर्प दंश से बचना है तो घर से इन चीजों को अभी हटा दें और इन चीजों को रख दें
पश्चिम चम्पारण. भारत में सर्प दंश से हर साल हजारों लोगों की जान जाती है. हालांकि सर्प दंश के मामले लाखों में होते हैं, लेकिन दर्ज किए गए मामलों के अनुसार हर साल करीब 30 लाख से अधिक लोग सर्प दंश के शिकार होते हैं, जिनमें से 55 हजार से अधिक लोगों की मौत हो जाती है. डरावनी बात यह है कि बरसात में ये आंकड़े कई गुना बढ़ जाते हैं.
बिलों में पानी घुसने और बाढ़ की स्थिति में सांप सुरक्षित जगहों की तलाश करते हुए घरों में घुस आते हैं. कई बार तो वे पानी की तेज धार में बहकर भी ये घरों में घुस आते हैं. ऐसे में इंसानों से उनका सामना होना तय हो जाता है, जिसमें आत्मरक्षा के लिए वे काट लेते हैं.
आपको बता दें कि देशभर में सांप के काटने से सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में ही होती हैं। हर साल यूपी में करीब 670 लोगों की मौत सांप के काटने से होती है। इसका एक बड़ा कारण अंधविश्वास के चलते समय पर इलाज न कराना भी है।

भारत में सबसे अधिक मौतों के जिम्मेदार हैं ये चार सांप
कुछ ही दिनों में मानसून आने वाला है, जिसके बाद बरसात शुरू हो जाएगी. इसके पहले कि आपके साथ भी ऐसी कोई घटना घटे, चलिए आज हम आपको इससे बचाव के कुछ असरदार उपाय बताते हैं. करीब 20 सालों से वाइल्ड लाइफ पर काम कर रहे एक्सपर्ट स्वप्निल खताल बताते हैं कि भारत में सांपों की करीब 364 प्रजातियां पाई जाती हैं.

See also  खरवनिया नवीन के पांच बच्चे विज्ञान प्रोजेक्ट स्टेट के लिए अप्रूव्ड हुए

इनमें से सिर्फ 10 प्रतिशत ही ऐसी हैं जिनके काटने से लोगों की मौत होती है. इन 10 प्रतिशत प्रजातियों में भी सिर्फ चार सांप ही ऐसे हैं, जिनके काटने से 90 प्रतिशत तक मौतें होती हैं. इनमें स्पेक्टेकल्ड कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ स्केल्ड वाइपर शामिल हैं. भारत में इन्हीं चार सांपों को ‘बिग फोर’ के नाम से भी जाना जाता है.

कैसी जगहों पर रहना पसंद करते हैं सांप

स्वप्निल के मुताबिक, सांप वैसे स्थानों पर रहना पसंद करते हैं जो तंग और अंधेरे से भरे हों, साथ ही जहां उन्हें खाना मिल सके. लकड़ियों और ईंट के ढेर, एक जगह कबाड़ का जमा होना, साथ ही चूहों–छिपकलियों का रहना इसके सही उदाहरण हैं. इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सांप वहां भी आ सकते हैं जहां मछली की गंध और मांस के टुकड़े फेंके गए हों।

इससे बचने के लिए करें ये उपाय

अगर आप ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहते हैं, तो आपको घर की सफाई के साथ-साथ सामान के ढेर को जरूर हटाना होगा. इतना ही नहीं, हर दिन तेज गंध वाले फिनायल से घरों की सफाई, घरों के आगे कांटेदार पौधों का इस्तेमाल, अंधेरी जगहों पर रोशनी और चूहे-छिपकलियों जैसे जीवों से छुटकारा जैसी व्यवस्था को अपनाना होगा. ध्यान रहे कि घर या उसके आसपास बिलों की मौजूदगी भी सांपों को अपनी ओर खींचती है. इन बातों का ध्यान रखकर आप सांपों से बच सकते हैं.

 

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required