देवरिया की तीन विभूतियाँ, बच्चा किशोर और युवा तीन क्षेत्रों में कमाल — खेल और सेना में गूंजा जिले का नाम
देवरिया की तीन विभूतियाँ, बच्चा किशोर और युवा तीन क्षेत्रों में कमाल — खेल और सेना में गूंजा जिले का नाम
देवरिया, 7 सितंबर:
देवरिया जनपद के लिए यह माह गौरवशाली उपलब्धियों से भरा रहा। जिले के तीन होनहार युवाओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे जिले को गर्व का अवसर दिया है। खेल से लेकर सेना तक, देवरिया की प्रतिभाएं देशभर में जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
ताइक्वांडो में रजत पदक जीतकर चमके अयान
कटक (ओडिशा) में आयोजित चौथी नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में देवरिया के अयान, पुत्र लियाकत अहमद, ने दमदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक प्राप्त किया। उनका यह प्रदर्शन जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय खेल मंच पर भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
4 साल 10 महीने में बने FIDE रेटेड खिलाड़ी
शतरंज की दुनिया में भी देवरिया के होनहार बच्चे ने इतिहास रच दिया। इशांक सिंह यादव, पुत्र डॉ. अजय कुमार यादव, ने महज 4 साल 10 महीने की उम्र में FIDE रेटेड शतरंज खिलाड़ी बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। किशन अब भारत के सबसे कम उम्र के फिडे रेटेड खिलाड़ियों में शामिल हो गए है
सृष्टि सिंह बनीं सेना में लेफ्टिनेंट
सिर्फ बेटों ने नहीं, बेटियों ने भी जनपद का मान बढ़ाया है। रामनगर निवासी सृष्टि सिंह, पुत्री श्री सुनील सिंह, ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ अपने परिवार का, बल्कि पूरे देवरिया जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता नारी सशक्तिकरण और युवा शक्ति की मिसाल है।
शिक्षा से लेकर सेना तक का सफर
सृष्टि सिंह, पिता सुनील सिंह और माता सुधा सिंह की पुत्री हैं। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहीं सृष्टि ने प्रारंभिक शिक्षा गांव और आसपास के विद्यालयों से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की। तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने यह ठाना कि वे देश की सेवा केवल कॉर्पोरेट नौकरी में नहीं बल्कि भारतीय सेना जैसी अनुशासित और गौरवपूर्ण सेवा में करेंगी।
बी.टेक के बाद उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षा संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS) पास की। देशभर से लाखों छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होते हैं, जिनमें से चुनिंदा अभ्यर्थियों का ही चयन होता है। सृष्टि का नाम उनमें शामिल होना उनके परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
OTA चेन्नई में कठिन प्रशिक्षण
चयन के बाद सृष्टि को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) चेन्नई भेजा गया। यह वह जगह है जहां युवाओं को एक कुशल और अनुशासित अधिकारी बनने के लिए कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। कई महीनों तक उन्होंने परेड, हथियारों का ज्ञान, युद्धकला, शारीरिक व मानसिक मजबूती जैसे तमाम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए।
कल दिनांक 6 सितम्बर 2025 को वह पास आउट होकर औपचारिक रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बन गईं। इस समारोह में उनके नाम की घोषणा लेफ्टिनेंट के रूप में हुई और अब उन्हें पहली पोस्टिंग अमृतसर की आर्टिलरी रेजिमेंट में मिली है।
परिवार की खुशी और गर्व
सृष्टि सिंह के पिता सुनील सिंह ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि
आज हमारी बेटी ने पूरे गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। हमें इस बात की खुशी है कि उसने देश की सेवा का मार्ग चुना। यह केवल हमारे परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देवरिया जिले के लिए सम्मान की बात है।”
माता सुधा सिंह की आंखों में खुशी के आंसू थे। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने बचपन से ही मेहनत और लगन से पढ़ाई की और अब देश की रक्षा के लिए खड़ी होगी, यह सोचकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।
भाई भी ले रहे सैन्य प्रशिक्षण सृष्टि सिंह का भाई अनुभव सिंह भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से चयनित होकर वर्तमान में OTA सिकंदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। आने वाले वर्ष 2026 में अनुभव भी पास आउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनेगा।
इस तरह, एक ही परिवार के दो सदस्य भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सुरक्षा में योगदान देंगे। यह किसी भी परिवार के लिए गौरव का क्षण है।
#लार क्षेत्र में हर्ष का माहौल सृष्टि सिंह के लेफ्टिनेंट बनने की खबर पूरे गांव और क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग घर-घर जाकर उनके परिजनों को बधाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह उपलब्धि आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
जनपद में खुशी की लहर
इन तीनों की असाधारण उपलब्धियों से देवरिया जनपद में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने इन होनहार बेटा-बेटियों को ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं और आशा व्यक्त की है कि भविष्य में भी ये अपनी प्रतिभा से देश और समाज का नाम ऊँचा करते रहेंगे।