दरियाबाद गांव में बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप, कई परिवार बेघर – सांसद राजीव राय पहुंचे मौके पर
दरियाबाद गांव में बुलडोजर कार्रवाई से हड़कंप, कई परिवार बेघर – सांसद राजीव राय पहुंचे मौके पर
मऊ। मधुबन तहसील के दरियाबाद गांव में प्रशासनिक कार्रवाई से भारी हंगामा खड़ा हो गया है। प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर चलवाकर कई परिवारों के मकान जमींदोज कर दिए। इन परिवारों में यादव और मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोग शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्रवाई में विधवा महिलाएं और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी भी प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उन्हें न तो कोई पूर्व सूचना दी और न ही सुनवाई का मौका। अचानक आई टीम ने उनके मकान गिरा दिए जिससे लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। प्रभावित लोगों ने बताया कि मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें बेदखल करने की साजिश रची गई।
एक विधवा महिला का कहना है कि उसका एकमात्र दोष यादव जाति से होना है, जबकि एक मुस्लिम परिवार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिला उनका घर भी बिना किसी नोटिस के ढहा दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई में गरीब और कमजोर वर्गों को निशाना बनाया गया है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अब बेघर होकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, क्षेत्रीय सांसद राजीव राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब और वंचित परिवारों को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।
ग्रामीणों की मांग
बेघर हुए परिवारों का तत्काल पुनर्वास किया जाए।
जिनके प्रधानमंत्री आवास योजना के घर तोड़े गए हैं, उन्हें दोबारा मकान उपलब्ध कराया जाए।
झूठे मुकदमों की जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।
दरियाबाद गांव में प्रशासन की यह कार्रवाई अब राजनीतिक रंग ले चुकी है और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं।