ज़िंदगी — पिताजी के साथ और पिताजी के बिना
ज़िंदगी — पिताजी के साथ और पिताजी के बिना पिताजी के साथ ज़िंदगी कुछ अलग ही होती है… छोटी-छोटी बातों में मज़ा, छोटी-छोटी परेशानियों में उनका मज़बूत हाथ, और बड़ी-बड़ी उलझनों में उनकी एक मुस्कान जो काफ़ी होती थी सब आसान करने के लिए। जब पिताजी होते हैं, तब घर [...]