6 जून 2024 को मुकम्मल होने वाली सड़क सेंपलिंग के बाद रुका कार्य अभी तक नही हुआ प्रारंभ लोग कह रहे हैं सिस्टम के लोग बेशरम
सड़क को लेकर गांव क्षेत्र के लोगों को बारिश के मौसम मच जाती है त्राहि-त्राहि
6 जून 2024 को मुकम्मल होने वाली सड़क सेंपलिंग के बाद रुका कार्य अभी तक नही हुआ प्रारंभ लोग कह रहे हैं सिस्टम के लोग बेशरम
संवाददाता ग्रामीण न्युज तेज़ नजर
कथित तौर पर यह सुनने को मिला कि सिस्टम के लोग बेशरम है सारे वादे फेल होते नज़र आ रहा है आपको बता दें कि लार भाटपार रानी मार्ग रोपन छपरा मोड़ से पूरब 1 किलोमीटर छोड़कर रोपन छपरा रतनपुरा होते हुए पारसी चकलाल को जाने वाली मुख्य मार्ग 5.687 किमी सड़क जिसका अनुमति लागत 727.75 लाख से बनने वाली सड़क 6 जून तक मुकम्मल होने हैं इसके लिए कुछ मिट्टी कार्य 2023 में किए गए जिसके कारण दर्जनों किसानों की खेत खराब हुआ तथा सड़क के किनारे लगे लगभग 2.50 हजार पौधे जो वन विभाग द्वारा लगाया गया था सारे पौधे मिट्टी में दबकर नुकसान हो गया , सड़क को लेकर किसानों ने अपने फसल की बलि दे दिया दोनों तरफ मिट्टी का कार्य हुआ बीच में रतनपुर रोपन छपरा के बीच आधुनिक मशीनों द्वारा 100 मीटर सड़क बनाकर सैंपलिंग किया गया सूत्रों के अनुसार उसमें कुछ खामियां पाई गई उसके बाद अब तक निर्माण कार्य रुका हुआ है जिसको लेकर लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है स्कूली बच्चों को सड़क खराब के कारण गिरकर चोटिल होना तथा ई-रिक्शा पलटना से लेकर तमाम वाहन वालों से लेकर पैदल चलने वाले को मुशक्कते का सामना करना पड़ रहा है। सड़क खराब होने से लोगों की नाक में दम हो गई है सिस्टम के लोगों को बेशरम हो जाने से क्षेत्र के लोग परेशान हो गए हैं। नेताओं को तो वोट चाहिए जो उन्हें मिल ही जाती है उनका काम तो हो ही जाता है भले ही जनता भाड़ में जाए जिम्मेदार शर्म के मारे रात में आकर अपने विशेष लोगों से मिलकर वोट की ठीका देकर चले जाते हैं।

आप जान लें कि पारसी चकलाल व रोपन छपरा मोड पर एक वर्ष पहले लगी बोर्ड की तस्वीर देख सकते हैं इस बोर्ड में सड़क निर्माण की तिथि से लेकर मरम्मत तक की तिथि को दर्शायी गई है अब आप ही बताइए 6 जून 2024 आने वाली है आज से लगभग कुछ ही दिन बचें है ऐसे में यह सड़क बनना सम्भव नही लग रहा है। इसको लेकर क्षेत्र वासियों मे नाराजगी जताई जा रही है।