“मैसेज मिलता है, गैस नहीं” — उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, 2 घंटे ठप रहा ट्रैफिक
पटना के फुलवारी शरीफ में मंगलवार की सुबह आम लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। गैस सिलेंडर की किल्लत से नाराज करीब 300 उपभोक्ताओं ने खाली सिलेंडर के साथ सड़क पर बैठकर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया। यह प्रदर्शन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चला, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
व्यवस्था पर फूटा जनता का गुस्सा
लोग गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचे थे, लेकिन वहां यह कहकर टाल दिया गया कि “ट्रक नहीं आया है।” यह सुनते ही उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों ने पटना एम्स के पास नवादा मोड़ काली मंदिर के समीप नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
“मैसेज आता है, सिलेंडर नहीं”
आक्रोशित उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग का मैसेज तो समय पर मिल जाता है, लेकिन सिलेंडर की डिलीवरी नहीं होती। लोग सुबह से लाइन में खड़े रहे, लेकिन एजेंसी से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
एक उपभोक्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा,
“नंबर आने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिलता। आखिर हम जाएं तो जाएं कहां?”
गंभीर आरोप—कालाबाजारी का खेल!
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लगातार दोहराई जा रही है। कई उपभोक्ताओं ने एजेंसी कर्मियों पर मनमानी और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए।
लोगों का कहना है कि जहां एक ओर पंजीकृत उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिलती, वहीं दूसरी ओर चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने गैस वितरण व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि आखिर बार-बार ऐसी स्थिति क्यों बनती है? क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या से अनजान हैं या फिर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं?