बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोरों पर बेची जा रहीं दवाइयाँ
बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल स्टोरों पर बेची जा रहीं दवाइयाँ
नियमों की अनदेखी, मरीजों की सेहत से खिलवाड़
देवरिया। जिले के कई कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर बिना फार्मासिस्ट के ही धड़ल्ले से दवाइयाँ बेची जा रही हैं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के अनुसार मेडिकल स्टोर पर दवा बेचने के लिए लाइसेंसधारी योग्य फार्मासिस्ट का मौजूद रहना अनिवार्य है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
दुकान मालिक और परिजन ही कर रहे दवाओं की बिक्री
जांच में सामने आया है कि कई जगहों पर दुकान मालिक स्वयं या उनके परिजन बिना किसी डिग्री के ही दवाइयाँ बेच रहे हैं। इससे न केवल कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि मरीजों की जिंदगी भी खतरे में पड़ रही है।
गलत दवा देने पर बढ़ रहा खतरा
चिकित्सक मानते हैं कि बिना प्रशिक्षित फार्मासिस्ट के दवा वितरण बेहद खतरनाक है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग और मानसिक रोग जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयाँ यदि गलत तरीके से दी गईं तो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
विभागीय लापरवाही पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य व औषधि निरीक्षण विभाग इस पर आंख मूंदे हुए है। जांच के नाम पर खानापूरी होती है और दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इससे बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर चलाने वालों के हौसले बुलंद हैं।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बिना फार्मासिस्ट संचालित मेडिकल स्टोरों की सघन जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।
यह खबर जनहित में प्रकाशित की जा रही है।