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देवरिया में पोक्सो अधिनियम पर बड़ी बैठक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन हुआ सख्त

देवरिया में पोक्सो अधिनियम पर बड़ी बैठक, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन हुआ सख्त

देवरिया | 28 मार्च 2026
जनपद देवरिया में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। पोक्सो अधिनियम के तहत “सपोर्ट पर्सन” की सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला न्यायालय के केंद्रीय सभागार में त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय जनपद न्यायाधीश श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह ने की। बैठक की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

अपने संबोधन में जनपद न्यायाधीश ने स्पष्ट कहा कि पोक्सो अधिनियम का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, शोषण और अन्य लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना है। साथ ही उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के हर चरण में बच्चों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) श्री बीरेन्द्र सिंह ने अधिनियम से जुड़ी प्रक्रियाओं, नियमों और “सपोर्ट पर्सन” की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों से जुड़े मामलों में कई चुनौतियां सामने आती हैं, जिन्हें बेहतर समन्वय और संवेदनशीलता से दूर किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शैलजा मिश्रा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी विभागों का समन्वित और जिम्मेदार रवैया बेहद जरूरी है।
बैठक में प्रतिभागियों को पोक्सो अधिनियम के तहत—
मामलों की जांच प्रक्रिया
बाल पीड़ितों के साथ व्यवहार
साक्ष्य संकलन की विधि
न्यायालयीन प्रक्रिया में संवेदनशीलता
और विधिक सहायता सेवाओं
के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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इस अवसर पर जिला परिवीक्षा अधिकारी, चाइल्ड लाइन, वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति के सदस्य, चिकित्सा अधिकारी और सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष:
यह बैठक साफ तौर पर दिखाती है कि प्रशासन और न्यायपालिका अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा गंभीर और सक्रिय है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल मिल सके।

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