बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर, अब स्कूलों का मिड-डे मील भी प्रभावित
बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर, अब स्कूलों का मिड-डे मील भी प्रभावित”
बड़ी खबर:
देवरिया (लार)। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के बीच अब ग्रामीण उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पहले जहां लोग गैस एजेंसी और गोदाम पर लाइन लगाकर किसी तरह सिलेंडर प्राप्त कर लेते थे, वहीं अब होम डिलीवरी के नाम पर लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। रोपन छपरा स्थित प्रिंस इंडेन गैस एजेंसी के कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग करने और पर्ची कटने के बावजूद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई उपभोक्ताओं के मोबाइल पर 1 मार्च को बिना सिलेंडर मिले ही “रिफिल डिलीवर” का मैसेज दिखा दिया गया। जब उपभोक्ता दोबारा बुकिंग करने की कोशिश करते हैं तो सिस्टम में पहले से बुकिंग दर्ज होने की जानकारी मिलती है, जिससे वे दोबारा बुकिंग भी नहीं कर पा रहे हैं।
वहीं एजेंसी संचालक इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जता रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस संकट का असर अब सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया है।
एमडीएम (मिड-डे मील) योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन बनाना भी मुश्किल हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में लकड़ी पर खाना बनवाना पड़ रहा है, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक तरफ सरकार गैस आपूर्ति को सुचारू बताने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर लोग कई दिनों से गैस के लिए परेशान हैं। गोदाम पर जाने से मना किया जा रहा है और घर तक भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, ताकि आम लोगों के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों को भी समय पर भोजन मिल सके।