देवरिया में जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा, पूर्व एमएलसी समेत आठ पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
देवरिया में जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा, पूर्व एमएलसी समेत आठ पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
देवरिया में जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़े फर्जीवाड़े का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कोतवाली पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य जेपी जायसवाल तथा उनकी पत्नी अंतिमा जायसवाल समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पूरा मामला शहर के बांस देवरिया स्थित एक विवादित भूखंड से जुड़ा है।
फर्जी विक्रेता बनकर ancestral भूमि पर कब्जे की साजिश—शिकायतकर्ता का आरोप
देवरिया खास सीसी रोड निवासी पारस नाथ बरनवाल ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि बांस देवरिया में उनकी पुश्तैनी जमीन को संगठित गिरोह ने कागजों में हेरफेर कर हथिया लिया।
शिकायत के अनुसार, 6 मई को कुछ लोगों ने फर्जी विक्रेता बनकर दस्तावेज तैयार किए और हेरफेर कर जमीन को बेचने का षड्यंत्र रचा। इसके बाद उर्मिला देवी, रामू तिवारी, अमृता, माया देवी, चित्रसेन और जयप्रकाश दुबे ने मिलकर यह जमीन जयप्रकाश के नाम फर्जी बैनामा करा दी।
बरनवाल के मुताबिक, बैनामा कराने वाले व्यक्तियों का खतौनी में कोई नाम दर्ज नहीं था, न ही उनका भूमि पर कोई वैधानिक हक। इसके बावजूद पूरी साजिश के तहत बैनामा पूर्व एमएलसी की पत्नी अंतिमा जायसवाल के नाम करा दिया गया।
पूर्व एमएलसी समेत आठ पर केस दर्ज, जांच तेज
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में:
जेपी जायसवाल
अंतिमा जायसवाल
उर्मिला देवी
रामू तिवारी
अमृता
माया देवी
चित्रसेन
जयप्रकाश दुबे
के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
फोरेंसिक जांच और खतौनी मिलान होगा — पुलिस
कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है।
पुलिस दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच और खतौनी का डीटेल मिलान कराएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कागजों में कैसे और किस स्तर पर हेरफेर की गई।
राजनीतिक गलियारों में खलबली
पूर्व एमएलसी और उनकी पत्नी का नाम सामने आने से राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की आने वाली कार्रवाइयों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।