Search for:
  • Home/
  • समाचार/
  • मिर्जापुर ट्रेन हादसा: कालका एक्सप्रेस से कटकर छह महिलाओं की दर्दनाक मौत, स्टेशन पर मचा कोहराम

मिर्जापुर ट्रेन हादसा: कालका एक्सप्रेस से कटकर छह महिलाओं की दर्दनाक मौत, स्टेशन पर मचा कोहराम

पीयूष बरनवाल की रिपोर्ट

मिर्जापुर ट्रेन हादसा: कालका एक्सप्रेस से कटकर छह महिलाओं की दर्दनाक मौत, स्टेशन पर मचा कोहराम

मिर्जापुर। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा हो गया। सुबह करीब 9:30 बजे कालका एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर छह महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इनमें दो सगी बहनें भी शामिल हैं। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई।

घटना के अनुसार, चोपन से आ रही एक पैसेंजर ट्रेन चुनार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची थी। कार्तिक पूर्णिमा के कारण स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। भीड़भाड़ के चलते कई यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरने के बजाय सीधे दूसरी ओर ट्रैक पर उतर गए। उसी समय दूसरी पटरी से तेज रफ्तार कालका एक्सप्रेस ट्रेन गुजर रही थी, जिसका चुनार में कोई ठहराव नहीं है।

ट्रेन को आते देख यात्री घबरा गए। पुरुष तो किसी तरह प्लेटफॉर्म पर चढ़ गए, लेकिन महिलाएं पीछे रह गईं और ट्रेन की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भयावह था कि शवों के टुकड़े करीब 50 मीटर तक ट्रैक पर बिखर गए। जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने शवों को बैग में भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

मृतकों की पहचान मिर्जापुर निवासी सविता (28), साधना (15), शिवकुमारी (17), अंजू देवी (20), सुशीला देवी (60) और सोनभद्र की कलावती देवी (50) के रूप में हुई है। सभी महिलाएं कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए चुनार आई थीं।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। विंध्याचल मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और डीआईजी आरपी सिंह मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। वहीं, यूपी सरकार की ओर से मंत्री संजय गौड़ और डीएम पवन गंगवार भी चुनार पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

See also  तहसील सदर में डीएम का औचक निरीक्षण, अफसरों को लगाई फटकार — साफ-सफाई और कामकाज पर जताई कड़ी नाराजगी

मंत्री संजय गौड़ ने बताया कि सरकार मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देगी। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जीआरपी एसपी ने कहा, “यह अत्यंत दुखद घटना है। प्राथमिक जांच में भीड़ के बीच ट्रैक पार करने की जानकारी मिली है। अगर रेलवे या सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गंगा घाट रेलवे स्टेशन चुनार से मात्र 2-3 किलोमीटर की दूरी पर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु यहां स्नान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम इस बार नजर नहीं आए। लोगों का कहना है कि इतनी भीड़ के बावजूद कालका एक्सप्रेस को तेज रफ्तार से प्लेटफॉर्म पार करने देना बड़ी चूक है।

हादसे के बाद चुनार स्टेशन पर माहौल बेहद गमगीन है। पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

Leave A Comment

All fields marked with an asterisk (*) are required