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देवरिया में नए कप्तान की एंट्री: संजीव सुमन ने संभाली कमान, तस्करी और अपराध पर कसेंगे शिकंजा

देवरिया में नए कप्तान की एंट्री: संजीव सुमन ने संभाली कमान, तस्करी और अपराध पर कसेंगे शिकंजा

देवरिया में लगातार बढ़ रही पशु तस्करी और अपराध पर नियंत्रण में विफलता ने जिले की पुलिस नेतृत्व को हिला दिया है। पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर को पद से हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह 2014 बैच के आईपीएस संजीव सुमन को देवरिया का नया एसपी नियुक्त किया गया।

सोमवार को पदभार संभालते ही संजीव सुमन ने साफ कर दिया कि अब जिले में अपराधियों और तस्करों के लिए जगह नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार पशु तस्करी पर सबसे सख्त कार्रवाई होगी। देवरिया की भौगोलिक स्थिति—बिहार सीमा से सटा होना—इसे अपराधियों और तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना देती है। एसपी सुमन ने ऐलान किया कि अब शराब और मादक पदार्थों की तस्करी भी जड़ से खत्म करने के लिए सीमा पर विशेष प्रशिक्षित टीमें तैनात की जाएंगी।

जनता से संवाद, अपराधियों पर वार

नए कप्तान ने कहा—

जनसुनवाई को और ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा।

लंबित जांच का समय से निपटारा किया जाएगा।

महिला सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

यातायात व्यवस्था में आमूलचूल सुधार होगा।

सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण कर तस्करी रोकने की सख्त रणनीति तैयार की जाएगी।

पुलिस कार्यप्रणाली को पारदर्शी और संवेदनशील बनाया जाएगा।

टेक्नोक्रेट से आईपीएस तक का सफर

संजीव सुमन मूल रूप से बिहार के खगड़िया के रहने वाले हैं। आईआईटी रुड़की से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया। लेकिन सिस्टम बदलने के जज्बे ने उन्हें सिविल सेवा की ओर मोड़ दिया। यूपीएससी में सफलता पाकर वे आईपीएस बने और बुलंदशहर, आजमगढ़, बागपत, कानपुर, हापुड़, लखनऊ और अलीगढ़ जैसे जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

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अब देवरिया में कसौटी

देवरिया में उनकी पहली बड़ी चुनौती पशु और शराब तस्करों की मजबूत जड़ें काटना और अपराध पर अंकुश लगाना होगा। जिले की जनता अब नए कप्तान से कड़े और ठोस फैसलों की उम्मीद लगाए बैठी है।

 सवाल बड़ा है—क्या संजीव सुमन देवरिया को तस्करी और अपराध से मुक्त करा पाएंगे, या जिले में हालात जस के तस बने रहेंगे?

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