संत विनोवा पीजी कॉलेज देवरिया का गर्ल्स हॉस्टल 11 वर्षों से खाली नहीं, छात्राओं की सुरक्षा पर संकट
संत विनोवा पीजी कॉलेज देवरिया का गर्ल्स हॉस्टल 11 वर्षों से खाली नहीं, छात्राओं की सुरक्षा पर संकट
देवरिया। संत विनोवा पीजी कॉलेज देवरिया का गर्ल्स हॉस्टल, जो वर्ष 2013-14 में यूजीसी अनुदान से 1 करोड़ 8 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ था, आज भी अवैध कब्जाधारियों से मुक्त नहीं हो सका है। पिछले 11 वर्षों से जारी इस समस्या ने छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
कॉलेज प्रशासन द्वारा कई बार जिला प्रशासन से अनुरोध किए जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 2015 में तत्कालीन प्राचार्य श्री सच्चिदानंद शुक्ला के कार्यकाल में जांच रिपोर्ट में अवैध कब्जे की पुष्टि भी हुई थी, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
स्थिति और अधिक गंभीर तब हो गई जब 22 अगस्त 2024 को दो छात्राओं की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पुनः जिला प्रशासन से हॉस्टल को कब्जाधारियों से मुक्त कराने का आग्रह किया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वर्तमान प्राचार्य श्री अर्जुन मिश्र ने हाल ही में जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर छात्राओं की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
इस मुद्दे को लेकर छात्रों और कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है।
इसी क्रम में पूर्वांचल छात्र संघ समिति द्वारा ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। समिति ने कहा है कि यदि शीघ्र ही हॉस्टल खाली नहीं कराया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
अब यह आवश्यक है कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप कर गर्ल्स हॉस्टल को कब्जाधारियों से मुक्त कराएं, ताकि छात्राओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके और कॉलेज का शैक्षिक वातावरण सामान्य हो सके।