देवरिया में एनआरएलएम कर्मचारियों का प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा – 23 सितंबर तक समाधान न हुआ तो सांकेतिक हड़ताल
देवरिया में एनआरएलएम कर्मचारियों का प्रदर्शन, 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा – 23 सितंबर तक समाधान न हुआ तो सांकेतिक हड़ताल
देवरिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के कर्मचारियों ने शुक्रवार शाम जिला कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और उपायुक्त को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी वैध मांगों को लेकर निवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे उनका मनोबल गिर रहा है और कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है।
मानदेय को लेकर सबसे बड़ा विवाद
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानव संसाधन नियमावली के अनुसार कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च समिति ने मानदेय वृद्धि को मंजूरी दी थी। इसके बावजूद कर्मचारियों को स्वीकृत राशि से लगभग 40 प्रतिशत कम मानदेय मिल रहा है। उन्होंने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन और आर्थिक हितों के साथ अन्याय करार दिया।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि नई नीति के अनुसार मानदेय लागू करने की तिथि स्पष्ट रूप से निर्धारित थी, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। इस वजह से मिशन स्टाफ को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
एनआरएलएम स्टाफ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि—
स्वीकृत मानदेय का भुगतान तत्काल शुरू किया जाए।
सेवा नियमों का सही पालन सुनिश्चित किया जाए।
लंबित मुद्दों का त्वरित समाधान किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान 23 सितंबर तक नहीं हुआ, तो वे 24 और 25 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस प्रदर्शन में जिला मिशन प्रबंधक, ब्लॉक मिशन प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, वाईपी और सीसी सहित सभी स्टाफ शामिल रहे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि वेतन कटौती और नियमों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देवरिया में एनआरएलएम कर्मचारियों का यह आंदोलन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि ग्रामीण विकास कार्यों की रफ्तार सीधे इससे प्रभावित होगी।