मंदिर की ज़मीन को लेकर विवाद गहराया, महंत बैठे धरने पर, मंत्री पर लगाया कब्जे का आरोप
ग्रामीण न्यूज तेज नजर देवरिया
देवरिया खास स्थित ऐतिहासिक श्री मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर की भूमि को लेकर विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। मंगलवार को मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास ने जमीन पर कथित कब्जे के विरोध में मंदिर चौराहे पर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मंदिर की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कराने की कोशिश कर रही हैं, और प्रशासन इसमें उनकी मदद कर रहा है।
धरने से मचा हड़कंप, भारी संख्या में जुटे श्रद्धालु
महंत के धरने की खबर मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एसडीएम श्रुति शर्मा, सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी और कोतवाल डीके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महंत को समझा-बुझाकर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। इसके बाद शाम 5 बजे मंदिर की भूमि की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद महंत धरने से उठे। देर शाम तक जमीन की पैमाइश का कार्य चलता रहा।
महंत का आरोप: “मंत्री की दबंगई और प्रशासन की मिलीभगत”
धरना स्थल से महंत राजेश नारायण दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,
“मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मंदिर की जमीन पर जबरन दीवार खड़ी करवाई है। यह काम पूरी तरह से प्रशासन की मिलीभगत से किया गया। मैंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
महंत ने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 18 अगस्त को मंदिर के मुख्य गेट की ओर जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तमाम अपीलों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें मजबूरी में धरना देना पड़ा।
“मंदिर जनता की आस्था का केंद्र है। इस पर कब्जे की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा,” – महंत राजेश नारायण दास
स्थानीय लोगों का समर्थन, मंत्री के खिलाफ नारेबाजी
महंत के समर्थन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु धरना स्थल पर एकत्र हो गए। लोगों ने मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि मंदिर की भूमि धार्मिक आस्था से जुड़ी है, उस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने कहा,
“यह सिर्फ जमीन नहीं है, यह हमारी आस्था का सवाल है। प्रशासन को निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया: निष्पक्ष जांच का आश्वासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम श्रुति शर्मा ने आश्वासन दिया कि मंदिर की भूमि की पूरी पैमाइश कराई जाएगी और यदि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाया गया, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक गर्मी बढ़ने के आसार
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम पर लगे आरोपों के बाद अब विपक्ष भी इस मामले को मुद्दा बना सकता है। हालांकि, अभी तक मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष: मामला संवेदनशील, आंदोलन के संकेत
मंदिर की जमीन को लेकर बढ़ता विवाद अब एक धार्मिक और राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। महंत ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अतिक्रमण के प्रयास जारी रहे तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।