देवरिया में सड़क बनी मौत का जाल, जिम्मेदार विभाग मौन
ग्रामीण न्यूज तेज नजर देवरिया
देवरिया में सड़क बनी मौत का जाल, जिम्मेदार विभाग मौन
देवरिया जिले के भाटपार रानी-भिंगारी मार्ग पर खामपार इंटर कॉलेज से करौंदा गांव तक जाने वाली सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यह ग्रामीणों के लिए रोजाना की यातना बन गई है। गहरे गड्ढे, जलजमाव और उखड़ा हुआ डामर—यह सड़क अब सड़क कम और दलदल ज्यादा नज़र आती है।
एक दर्जन गांवों के लोग परेशान
यह रास्ता लगभग दर्जनभर गांवों को जोड़ता है, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह राहगीरों की दुश्मन बन गई है।
बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता
खामपार बाजार और शिव मंदिर के पास तो दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। गड्ढों में भरे पानी से सड़क तालाब जैसी हो जाती है। कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीण दीपक ने बताया कि “PWD ने सालों पहले सड़क बनाई थी, पर मरम्मत न होने से अब यह खतरनाक हो गई है।”
गांव की महिलाएं रोज जलजमाव से गुजरने को मजबूर हैं। कपड़े गीले होते हैं, चोट लगने का डर बना रहता है। कुछ लोग तो 3-4 किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर घर पहुँचते हैं।
बुजुर्गों की पीड़ा
बुजुर्गों का कहना है कि अगर समय पर मरम्मत हुई होती, तो हालात इतने भयावह नहीं होते।
जिम्मेदार विभाग पर सवाल
ग्रामीणों का गुस्सा साफ है—जब तक सड़क की मरम्मत नहीं होती, लोगों का दर्द और गुस्सा दोनों बढ़ता रहेगा। सवाल यह है कि आखिर PWD और प्रशासन कब जागेगा?