दुर्घटना में मासूम की मौत, कार्रवाई पर उठे सवाल; पंचायत सचिवों ने बांधी काली पट्टी
ग्रामीण न्यूज तेज नजर
भटनी, देवरिया | विशेष समाचार
दुर्घटना में मासूम की मौत, कार्रवाई पर उठे सवाल; पंचायत सचिवों ने बांधी काली पट्टी
सोनू यादव का निलंबन वापस लेने की मांग, सचिवों की चेतावनी—मांगें नहीं मानीं तो जिला मुख्यालय पर होगा प्रदर्शन
भटनी (देवरिया)।
एक दर्दनाक हादसे के बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब पंचायत सचिवों के विरोध का मुद्दा बन गई है। बैतालपुर विकास खंड में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी सोनू यादव के निलंबन के विरोध में मंगलवार को भटनी विकास खंड के पंचायत सचिवों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए निलंबन तत्काल वापस लेने और सोनू यादव की बहाली का आदेश जारी करने की मांग की।
सचिवों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को जिला मुख्यालय तक ले जाया जाएगा और जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच और उसका पक्ष सुनना जरूरी है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद बैतालपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उधोपुर से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव की निवासी गीता, पत्नी दीना प्रसाद, के पुत्र के नाम पर व्यक्तिगत शौचालय स्वीकृत हुआ था। निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में हाल की भारी बारिश के कारण पानी भर गया। इसी पानी से भरे गड्ढे में डूबने से परिवार के चार वर्षीय मासूम पौत्र की मौत हो गई। इस घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
परिवार ने अधिकारियों-कर्मचारियों को बताया निर्दोष
सचिवों के अनुसार, पीड़ित परिवार ने लिखित रूप से प्रशासन को अवगत कराया है कि हादसे में किसी अधिकारी या कर्मचारी की कोई गलती नहीं थी। परिवार की ओर से इसे दुर्घटना बताया गया है। सचिवों का सवाल है कि जब घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर निष्पक्ष जांच जरूरी है, तो जांच पूरी होने और संबंधित कर्मचारी का पक्ष सुने जाने से पहले निलंबन क्यों किया गया?
‘जांच से पहले सजा’ पर कर्मचारियों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे सचिवों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जल्दबाजी में कार्रवाई की और सोनू यादव को बलि का बकरा बनाया। उनका कहना है कि इस कदम से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है। हालांकि, निलंबन के कारणों और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच, सभी पक्षों की सुनवाई और तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना अहम माना जा रहा है।
एकजुट हुए पंचायत सचिव, बहाली की मांग
भटनी ब्लॉक परिसर में हुए प्रदर्शन में पंचायत सचिवों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर सोनू यादव के समर्थन में आवाज उठाई। इस दौरान सहायक विकास अधिकारी पंचायत विंध्याचल सिंह, सतीश शाही, सुनील मिश्रा, अजय मिश्रा, जीतेन्द्र यादव, जनरंजन गौतम, अविनाश पासवान, शुभम गुप्ता, चंदू पासवान और रूपेश यादव सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।