स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीडीओ ने दिए निर्देश, संस्थागत प्रसव और नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देने को कहा
देवरिया, 16 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा मरीजों को समय से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी करने को कहा, ताकि अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को अपने निर्धारित ग्राम पंचायतों में नियमानुसार उपस्थित रहकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय से पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए।
बैठक में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से पात्र लाभार्थियों को जोड़ने तथा ई-कवच पोर्टल पर उनका पंजीकरण कर स्वास्थ्य संबंधी विवरण अद्यतन करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित फॉलोअप कराया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर समय से उपचार उपलब्ध हो सके।
उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में लापरवाही न बरतने तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. सिन्हा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।