बेसिक शिक्षा की समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाह एआरपी पर वेतन रोकने के निर्देश
बेसिक शिक्षा की समीक्षा में डीएम सख्त, लापरवाह एआरपी पर वेतन रोकने के निर्देश
शत-प्रतिशत छात्र उपस्थिति, ड्रेस कोड और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन पर जोर
देवरिया, 03 अक्टूबर। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े टास्क फोर्स की बैठक कर शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, ड्रेस कोड और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में डीएम ने ऐसे एआरपी, जिनका विद्यालय भ्रमण कम है, उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ को एसआरजी, एआरपी और डायट मेंटर्स के साथ समन्वय कर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने को कहा।
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की भी सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए। सभी बीईओ को महीने में चार दिन और डीसी को दो बार विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के बाद उसकी आख्या गूगल शीट पर दर्ज करनी होगी।
प्रशिक्षण पर गए डायट मेंटर परशुराम शर्मा को लेकर भी डीएम ने बीएसए को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण से लौटने के बाद वे पांच मिनट का प्रस्तुतिकरण देकर बताएं कि प्रशिक्षण में क्या सीखा।
डीएम ने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। अधिकारियों से कहा गया कि भोजन मेन्यू के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण मिले, इसका निरीक्षण में विशेष ध्यान रखा जाए।
वहीं, कस्तूरबा विद्यालयों से छुट्टी में घर जाने वाली छात्राओं की समय से वापसी सुनिश्चित कराने के लिए गांवों में प्रशासकों और पंचायत सहायकों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए। बेसिक विद्यालयों में बच्चों के ड्रेस कोड को लेकर अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चन्द्र नाथ, बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जनम मौर्य समेत बीईओ, डीसी और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।