कोर्ट पहुंचने से पहले ही सुलझा पारिवारिक विवाद, मध्यस्थता केंद्र ने फिर जोड़ा दंपती
कोर्ट पहुंचने से पहले ही सुलझा पारिवारिक विवाद, मध्यस्थता केंद्र ने फिर जोड़ा दंपती
देवरिया, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर एक पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान कराकर बिखरते परिवार को फिर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा सचिव/सिविल जज (एसडी), देवरिया श्रीमती अर्चना-द्वितीय के नेतृत्व में न्यायालय में वाद दायर होने से पहले ही विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसी क्रम में महिला थाना, देवरिया से प्राप्त नगवंती बनाम सुनील प्रजापति प्रकरण को आपसी विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजा गया। मध्यस्थ अरविन्द कुमार पाण्डेय के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच संवाद कराया गया और उन्हें वैवाहिक एवं पारिवारिक दायित्वों के प्रति समझाइश दी गई।
मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों के बीच चल रहा मनमुटाव दूर हुआ। इसके बाद दोनों ने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से विवाद समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। इस प्रकार मामला न्यायालय में मुकदमे के रूप में पहुंचने से पहले ही प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलझ गया।
सचिव श्रीमती अर्चना-द्वितीय ने आमजन से अपील की कि आपसी एवं पारिवारिक विवादों को न्यायालय में ले जाने से पहले प्री-लिटिगेशन मध्यस्थता का सहारा लें। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से समय और धन की बचत होने के साथ-साथ रिश्तों को टूटने से बचाने और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलती है।