देवरिया-बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करी का बोलबाला, चुनावी खपत के लिए गाड़ियां बन रही गोदाम! आ
देवरिया-बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करी का बोलबाला, चुनावी खपत के लिए गाड़ियां बन रही गोदाम!
देवरिया। बिहार चुनाव से पहले शराब तस्करी ने रफ्तार पकड़ ली है। देवरिया की सीमाओं से रात-दिन शराब की तस्करी हो रही है। चुनावी मौसम में खपत बढ़ने की आड़ में धड़ल्ले से खेप भंडारित की जा रही है।
रविवार को बिहार के गुठनी थाना क्षेत्र के सेलउर के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो वाहन से 35 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की। मौके से वैशाली जिले के दो कारोबारी – कुमार और नीतीश कुमार को दबोच लिया गया। गाड़ी भी जब्त कर ली गई।
थानाध्यक्ष मनीष कुमार के मुताबिक शराब तस्कर वाहन में माल छिपाकर ले जा रहे थे, लेकिन गश्ती दल की सतर्कता से उनकी चालाकी बेनकाब हो गई। पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी खेप आखिर कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन सा बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के बावजूद तस्करों की यह करतूत साफ़ दिखाती है कि चुनावी सीजन में शराब की मांग पूरी करने के लिए किस तरह कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गिरफ्तार दोनों तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सवाल यह है कि सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की आंखों के सामने शराब का इतना बड़ा कारोबार कैसे फल-फूल रहा है?
क्या यह तस्करी राजनीतिक संरक्षण में हो रही है?
चुनाव से पहले क्या शराब ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत साबित होने वाली है?